बॉलीवुड एक्टर किरण कुमार कोरोना वायरस पॉजिटिव, हुए होम क्वारनटीन

बॉलीवुड एक्टर किरण कुमार कोरोना वायरस पॉजिटिव, हुए होम क्वारनटीन

एक्टर किरण कुमार को कोरोना वायरस पॉजिट‍िव पाया गया है। 74 वर्षीय किरण ने हाल ही में अपना मेड‍िकल टेस्ट करवाया था, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिट‍िव आई। रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें होम क्वारनटीन में रखा गया है।

10 दिन से होम क्वारटीन में हैं एक्टर
पीटीआई को दिए बयान में एक्टर ने कहा- 'मैं ठीक था और मुझमें कोई लक्षण भी नहीं थे। 14 मई को मेड‍िकल चेकअप के लिए हॉस्प‍िटल गया था। जहां Covid-19 टेस्ट जरूरी था। तो मैंने भी खुद का टेस्ट करवाया और रिजल्ट पॉजिट‍िव आया.. लेकिन मुझमें ना उस वक्त कोरोना के कोई लक्षण थे और ना अब हैं। ना बुखार है, ना जुकाम। मैं ठीक हूं और खुद को होम क्वारनटीन कर लिया है। 
'मेड‍िकल टेस्ट 10 दिन पहले हुआ था और अब तक कोई लक्षण नजर नहीं आए हैं। मेरा पर‍िवार सेकेंड फ्लोर में रहता है और इस वक्त मैं तीसरे माले पर रह रहा हूं। 26 या 27 मई को मेरा दूसरा टेस्ट होगा। वैसे अभी तो मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं।'
बता दें किरण कुमार से पहले बॉलीवुड के अन्य सेलेब्स भी कोरोना पॉजिट‍िव पाए गए हैं। इसमें सबसे पहला नाम बॉलीवुड सिंगर कन‍िका कपूर का है। उनके बाद प्रोड्यूसर करीम मोरानी, उनकी दोनों बेट‍ियां शजा और जोआ मोरानी कोरोना पॉजिट‍िव पाई गईं थी। सही समय पर इलाज और सावधानी बरतने के कारण वे तीनों जल्द ही अस्पताल से घर वापस आ गए थे।

इन फिल्मों में काम कर चुके हैं किरण
बता दें, किरण कुमार बॉलीवुड का जाना माना नाम हैं। उन्होंने 60 के दशक में अपना फिल्मी कर‍ियर शुरू किया था। लव इन श‍िमला उनकी पहली फिल्म थी‌।‌‍ इसके बाद अपराधी, मिस्टर रोमियो, रईस, कुलवधू, मौत के सौदागर, कुदरत का कानून, कातिल, गंगा तेरे देश में, काला बाजार, दोस्त, पत्थर के फूल, खून का कर्ज, हिना, खुदा गवाह, बोल राधा बोल, ये है जलवा, क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता, धड़कन, मुझसे शादी करोगे, बॉबी जासूस, आकाशवाणी समेत कई फिल्मों में काम किया है। वहीं छोटे पर्दे पर भी किरण का बहुत नाम है।

राजगढ़ SHO विष्णुदत्त विश्नोई ने की आत्महत्या, बेनीवाल ने CM से की वक्तव्य देने की मांग


राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर तहसील मुख्यालय के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने आत्महत्या कर ली है। यह खबर बाजार में आग की तरह फैल गई। विष्णुदत्त विश्नोई क्षेत्र के आमजन का चाहेते थानाधिकारी रहे हैं। इस कारण राजगढ़ थाने के सामने काफी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई।
सूचना मिलते ही पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, व्यापार मंडल अध्यक्ष राधेश्याम डोकवेला भी राजगढ़ थाने के सामने पहुंचे और सभी ने कहा कि इस तरह के एक ईमानदार निष्पक्ष दबंग थाना अधिकारी के द्वारा आत्महत्या करना एक प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है।
राजगढ़ क्षेत्र के गरीब के हितेषी निष्पक्ष जांच करने वाले थाना अधिकारी ने इस तरह का कदम क्यों उठाया? इसकी पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, व्यापार मंडल के अध्यक्ष राधेश्याम डोकवेवाला ने पुरजोर शब्दों में मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए। मनोज न्यांगली ने तो यहां तक कह दिया कि जब तक इसकी निष्पक्ष जांच नहीं करवाई जाएगी वह अपने समर्थकों के साथ यहीं बैठे रहेंगे।
देखते ही देखते राजगढ़ का बाजार भी बंद हो गया। हर कोई आज राजगढ़ के थानाधिकारी की आत्महत्या पर आंसू बहाता नजर आया। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम, जिला कलेक्टर संदेश नायक राजगढ़ थाने पहुंच चुके हैं। यह भी बताया जा रहा है कि राजगढ़ थाना अधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, लेकिन पुलिस के अधिकारी अभी तक इसका खुलासा नहीं कर रहे हैं।

सीबीआई जांच करने की मांग की
राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई के आत्महत्या करने का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नज़र आ रहा है। मामले में नागौर सांसद और रालोपा संयोजक हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए घटना की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। बेनीवाल ने घटना को सिस्टम पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करने वाली घटना बताते हुए सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मामले में वक्तव्य जारी करने की मांग की है।
बेनीवाल मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि गृह विभाग क्योंकि आपके पास है इसलिए आपको इस मामले में वक्तव्य जारी करना चाहिए। बेनीवाल ने ट्वीट के जरिये राजगढ़ थानाधिकारी की आत्महत्या पर संवेदना जाहिर करते हुए कहा है कि न्याय की इस लड़ाई में रालोपा बिश्नोई के परिवार के साथ है। गौरतलब है कि राजगढ़ थानाधिकारी का शव पुलिस थाने में बने उनके सरकारी आवास में मिला है और उनके आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। बिश्नोई की छवि एक ईमानदार और दबंग के रूप में थी।

एक साथ दो डिग्री कोर्स कर सकेंगे छात्र, UGC ने दी मंजूरी

Hitender Choudhary Editor ON24 NEWS

छात्र जल्द ही एक साथ दो डिग्री कोर्स कर सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी - UGC ) ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि दो डिग्रियों को छात्रों को अलग-अलग मोड से पूरा करना होगा जिसमें एक रेगुलर मोड से और दूसरा डिस्टेंस लर्निंग मोड (दूरस्थ शिक्षा माध्यम या ओडीएल) के जरिये किया जा सकता है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने कहा, ''हाल ही में आयोग की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई जिसमें भारत में छात्रों को एक साथ दोहरी डिग्री पूरा करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
   
उन्होंने बताया कि छात्रों को एक ही समय में दो डिग्री एक समान स्ट्रीम में या अलग स्ट्रीम में करने की सुविधा होगी। 

जैन ने बताया कि इन दो डिग्रियों में से एक रेगुलर तरीके से और दूसरा ऑनलाइन डिस्टेंस मोड से पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जायेगी। 


गौरतलब है कि यूजीसी ने पिछले वर्ष उपाध्यक्ष भूषण पटवर्द्धन के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था जिसे एक विश्वविद्यालय या अलग अलग विश्वविद्यालयों से दूरस्थ, ऑनलाइन माध्यम से दो डिग्रियां एक साथ करने के प्रस्ताव पर विचार करना था। 


बहरहाल, यूजीसी ने इससे पहले भी साल 2012 में एक समिति गठित कर उसे इस विषय पर विचार करने को कहा गया था। उस समिति ने इस विषय पर व्यापक विचार विमर्श किया था लेकिन इस प्रस्ताव (दो डिग्री एक साथ करने) को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। 

अमेरिकी चैनल का दावा- वुहान लैब में इंटर्न की गलती से लीक ...


कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में हाहाकार है और विश्व चीन को संदेह भरी नजरों से देख रहा है। इस बीच एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट से पूरी दुनिया में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सच में चीन के वुहान में लैब से कोरोना वायरस फैला है?  दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को फॉक्स न्यूज की उस रिपोर्ट को स्वीकार किया, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में काम कर रही एक इंटर्न द्वारा गलती से लीक हो गया होगा था।
दरअसल, सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर फॉक्स न्यूज ने अपनी एक एक्स्क्लूसिव रिपोर्ट में दावा किया है कि यह चमगादड़ के बीच स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होने वाला यह कोई बायोवेपन (जैविक हथियार) नहीं है, बल्कि वायरस है, जिसका वुहान प्रयोगशाला में इसका अध्ययन किया जा रहा है।

चमगादड़ से मानव है वायरस का ट्रांसमिशन
फॉक्स न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वायरस का सबसे पहला ट्रांसमिशन चमगादड़ से मानव में हुआ और पहली संक्रमित रोगी इसी लैब में काम करती थी। वुहान शहर में आम लोगों में यह वायरस फैलने से पहले लैब की एक इंटर्न महिला कर्मचारी गलती से संक्रमित हो गई। वुहान वेट बाजार को शुरुआत में इस वायरस के उत्पत्ति स्थल के रूप में पहचाना गया, मगर वहां चमगादड़ कभी नहीं बेचे गए। हालांकि, चीन ने प्रयोगशाला के बजाय वेट बाजार को वायरस फैलाने के लिए दोषी माना है।
फॉक्स न्यूज ने कई सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि चीन की सरकार यह दिखाने के लिए वायरस पर अध्ययन कर रहा था कि किसी वायरस को पहचानने या उससे लड़ने में वह अमेरिका के बराबर या ज्यादा सक्षम है।

डोनाल्ड ट्रंप ने रिपोर्ट को नहीं किया खारिज
व्हाइट हाउस के डेली ब्रीफिंग के दौरान बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप से प्रश्न पूछते समय फॉक्स न्यूज के रिपोर्टर जॉन रॉबर्ट्स ने दावा किया, 'कई सूत्र हमें बता रहे हैं कि अमेरिका यह बात मानने को तैयार है कि भले ही कोरोना वायरस प्राकृतिक है, मगर यह वुहान का वायरोलॉजी लैब से निकला है। वहां सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण एक इंटर्न संक्रमित हो गई थी। उसके बाद उसके संपर्क में आकर उसका बॉयफ्रेंड भी संक्रमित हुआ और बाद में यह वायरस वुहान के वेट मार्केट पहुंचा।' बता दें कि कोरोना का केंद्र वुहान ही है।
इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने न तो इस रिपोर्ट के दावों की पुष्टि की और न ही उसका खंडन किया। उन्होंने कहा, 'हम ऐसी कई कहानियां सुन रहे हैं। हम इस पर देखेंगे। यह जो खतरनाक घटना हुई है हम उसकी विस्तृत जांच कर रहे हैं।'

डब्ल्यूएचओ ने भी दिया चीन का साथ
फॉक्स न्यूज चैनल ने कहा कि पहले चीन ने इस महामारी पर पर्दा डालने का प्रयास किया था।चैनल ने दावा किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन भी शुरुआत से इस कोशिश में चीन के साथ था। बता दें कि कोरोना वायरस पूरी दुनिया में हर दिन हजारों लोगों की सांसें छीन रहा है। चीन से निकलकर करीब 200 देशों में फैल चुके इस वायरस ने अब तक 22 लाख लोगों के शरीर में प्रवेश किया है तो 1.50 लाख से अधिक लोगों की जिंदगी छीन चुका है।

Coronavirus: 20 अप्रैल तक हर गांव, हर शहर देगा कोरोना टेस्ट, पास हुए तभी मिलेगी लॉकडाउन में सशर्त छूट



कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित कर ऐलान किया कि तीन मई तक लॉकडाउन रहेगा। उन्होंने लॉकडाउन में ढील के बजाय और सख्ती का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अगले एक हफ्ते लॉकडाउन को और कठोरता से लागू कराना हैं। पीएम मोदी ने कहा, अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर थाने, हर जिले, हर राज्य को बारीकी से परखा जाएगा। लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है इसका मूल्यांकन किया जाएगा। जो सफल होंगे। जो हॉटस्पॉट नहीं बढ़ने देंगे, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी चीजों में छूट की अनुमती दी जा सकती हैं। लेकिन याद रखिए यह अनुमति सशर्त होगी।
लॉकडाउन के नियम अगर टूटते हैं तो सारी अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी। पीएम मोदी ने कहा- हमें हॉटस्‍पॉट्स को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्‍पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्‍पॉट्स का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा। अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने लॉकडाउन के दौरान देशवासियों के धैर्य की सराहना के अलावा ये भी कहा कि हमारा ये प्रयास कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल रहा हैं।
इसके पहले उन्होंने कहा- सभी का यही सुझाव है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्य तो पहले से ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। साथियों, सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा। राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का बहुत बड़ा लाभ देश को मिला है, अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी हैं। लेकिन लोगों की जिंदगी के आगे इसकी तुलना नहीं हो सकती। लॉकडाउन संबंधित विशेष गाइडलाइन बुधवार को जारी होगी

भारत ने उठाए सही कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अन्य देशों के मुकाबले भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए हैं। आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी। जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही कोरोना प्रभावित आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दिया था। विदेश से आने वाले लोगों को 14 दिन का आइसोलेशन शुरू कर दिया गया था। जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन का लॉकडाउनक का बहुत बड़ा कदम उठा लिया था।

PM मोदी ने ट्विटर पर बदली प्रोफाइल फोटो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित करने के बाद कुछ मिनट बाद अपने ट्विटर पेज पर लगी प्रोफाइल फोटोको बदल दिया हैं। नई तस्वीर में पीएम मोदी ने अपने चेहरे को कवर किया हुआ हैं। इसका उद्देश्य कोरोनावायरस संकट के बीच सुरक्षित रहने के लिए घरेलू समाधानों या उत्पादों के जरिये अपने चेहरे को कवर करने के बारे में लोगों को जागरूक करना हैं। इससे पहले भी प्रधानमंत्री लोगों से गमछा इस्तेमाल करने को कह चुके हैं.

लॉकडाउन बढ़ने के बाद राहत पैकेज पर हो सकता है अहम फैसला
लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने के बाद केंद्र सरकार अब कुछ अहम फैसले ले सकती हैं। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक कल यानी बुधवार को पीएम मोदी के आवास पर होगी। पिछली बार की तरह इस बार भी कैबिनेट बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सकती है। माना जा रहा है कि बैठक में कुछ सेक्टर को छूट देने पर सहमति बन सकती हैं‌। साथ ही कोरोना से निपटने के मेगा प्लान पर चर्चा होगी

कोरोना: आधे घंटे में जांच वाली 5 लाख किट भारत की जगह पहुंच गईं अमेरिका


Corona Test Kit

कोरोना वायरस की जांच करने वाली करीब 5 लाख विशेष किट भारत की जगह अमेरिका पहुंच गई हैं। केंद्र समेत कई राज्यों ने चीन की एक कंपनी को जांच किट का ऑर्डर दिया था, लेकिन निर्यातक व्यापारी ने माल को अमेरिका भेज दिया। इस किट की मदद से महज आधे घंटे में जांच संभव थी। यहां अब कोविड-19 की रैपिड जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुख्य महामारी विशेषज्ञ डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने शनिवार को कहा, पांच लाख किट का ऑर्डर दिया गया था जिनमें से कुछ बहुत जल्द भारत पहुंचने वाली थीं लेकिन अब तक नहीं पहुंचीं।
हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच किट जल्द आ जाएंगी। वहीं तमिलनाडु के मुख्य सचिव शणमुगम ने पुष्टि करते हुए कहा, चीन की कंपनी को राज्य ने चार लाख रैपिड एंटीबॉडी किट्स का ऑर्डर दिया था। केंद्र ने भी इसी कंपनी को पांच लाख किट का ऑर्डर दिया है। पहली खेप चीन से भारत आने वाली थी जिसमें करीब 50 हजार किट तमिलनाडु की थीं।
लेकिन निर्यातक व्यापारी ने माल भारत न भेजकर अमेरिका भेज दिया। अब उम्मीद है कि जल्द ही ये माल अमेरिका से भारत पहुंचेगा। कोरोना की जांच करने वाली ये एंटीबॉडी किट महज आधे घंटे में बता देती हैं कि व्यक्ति कोरोना संक्रमित है या नहीं? अभी देश में एक सैंपल की जांच में 3 से 4 घंटे लगते हैं।

9 अप्रैल को मिलने वाली थीं 2.5 लाख किट
आईसीएमआर के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि जिस दिन देश में लॉकडाउन लागू हुआ था। उसी दिन 25 मार्च को 10 लाख एंटीबॉडी किट के आवेदन मांगे थे लेकिन कंपनियों से इतनी क्षमता में किट का आवेदन नहीं मिला। जिसके बाद 28 मार्च को 5 लाख किट की मांग रखी गई।
हालांकि उसमें एक शर्त थी कि ज्यादा से ज्यादा किट की आपूर्ति पहले हफ्ते में होनी चाहिए। चीन की कंपनी के साथ इस पर करार हुआ और 9 अप्रैल तक भारत को 2.5 लाख किट मिलने वाली थीं।

2-3  दिन में आने की उम्मीद
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एंटीबॉडी जांच किट के लिए सभी प्रयास जारी हैं। राज्यों में कोरोना की जांच जरूरत के अनुसार चल रही है। देश के सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों से भी वायरस जांच करने के आवेदन मांगे हैं। उन्होंने कहा, अगले दो से तीन दिन में ये किट मिल सकेंगी।

पीपीई, मास्क की रफ्तार भी मंद
सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 56 हजार पीपीई और 21 लाख एन-95 मास्क घरेलू निर्माता कंपनियों से मिल पाए हैं। जबकि 39 कंपनियों को सरकार ने 70 लाख पीपीई और 1.01 करोड़ एन-95 मास्क उपलब्ध कराने का ऑर्डर दिया था।