Tiktok सरकार ने बैन कर दिया, पर इससे लोगों की कमाई कैसे होती थी?



सोमवार, 29 जून को केंद्र सरकार ने 59 मोबाइल ऐप को बैन करने की घोषणा की। इनमें टिकटॉक भी शामिल है। वीडियो प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल होने वाले इस ऐप के भारत में ही लगभग 20 करोड़ यूजर हैं। टिकटॉक पर कई ऐसे लोगों के अकाउंट हैं, जिन्हें लाखों की संख्या में लोग फॉलो करते हैं। टिकटॉक इंडिया के हेड निखिल गांधी ने कहा था कि टिकटॉक 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। ये लाखों लोगों की आजीविका का साधन है। सवाल है कि आखिर लोगों को टिकटॉक से कमाई कैसे होती है? वीडियो बनाने वाले को किस हिसाब से पैसा मिलता था? टिकटॉक लाखों लोगों की आजीविका का साधन कैसे बन गया था?

2016 में आया और छा गया
टिकटॉक 2016 में लॉन्च हुआ था। अप्रैल 2020 तक गूगल प्ले स्टोर और Apple App Store से टिकटॉक डाउनलोड की संख्या दो बिलियन यानी दो अरब तक पहुंच गई। इसमें भारत में 611 मिलियन डाउनलोड हुए. लगभग 30.3 प्रतिशत। मोबाइल इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर के अनुसार, भारत ने टिकटॉक डाउनलोड के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया। चीन का ये ऐप वहां 196.6 मिलियन डाउनलोड हुए. कुल हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी कम।
इस आंकड़े से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि टिकटॉक भारत के लिए कितना बड़ा मार्केट है। पिछले साल टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस ने कहा था कि वह भारत में लगभग एक बिलियन डॉलर, यानी लगभग 70 अरब रुपए निवेश करने जा रही हैं। कंपनी ने 1000 लोगों को नियुक्त करने की बात कही थी. तब तक कंपनी भारत में 100 मिलियन डॉलर का निवेश कर चुकी थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, टिकटॉक के मालिकाना हक वाली कंपनी बाइटडांस ने पिछले साल तीन अरब डॉलर यानी 22,500 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। हालांकि यह कमाई सिर्फ टिकटॉक की नहीं, बल्कि हेलो समेत अन्य प्रोडक्ट की भी है। 2019 में सिर्फ टिकटॉक से कंपनी को करीब 720 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी।

टिकटॉक पर कमाई कैसे होती है?
ये तो टिकटॉक की कमाई की बातें थीं। लेकिन टिकटॉकर्स कैसे पैसे कामते हैं? अगर आप ये पूछेंगे कि टिकटॉक पर एक व्यक्ति कितना कमा लेता है, इसका सीधा जवाब देना मुश्किल है। यूट्यूब की तरह टिकटॉक के पास क्रिएटर्स के साथ रेवन्यू शेयरिंग का कोई मॉडल नहीं है। टिकटॉकर्स अपने अकाउंट से ब्रांड का प्रमोशन करके पैसा कमाते हैं।
इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग कंपनी Sociopool के फाउंडर आशीष भारद्वाज 200 से ज्यादा यूट्यूबर्स के साथ ही टिकटॉक जैसी कई कंपनियों के लिए काम करते हैं। उनका कहना है कि टिकटॉक पर पैसा कमाने के लिए कम से कम एक मिलियन यानी लगभग 10 लाख फॉलोअर्स होने चाहिए। 50 हजार, एक लाख फॉलोवर्स से कुछ नहीं होता है। जिनके मिलियन में फॉलोअर हैं, वो ही पैसा कमा पाते हैं। यानी टिकटॉक पर वीडियो बनाने वाले हर बंदा पैसा नहीं कमा रहा है।

फॉलोअर्स मतलब पैसा?
आशीष का कहना है कि टिकटॉक भी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह ही है‌। अगर आप टिकटॉक पर पापुलर होते हैं, तो ब्रांड आपको नोटिस करना शुरू कर देते हैं। आपसे संपर्क करते हैं और प्रमोशन के लिए पूछते हैं। इसके बदले आपको पैसे मिलते हैं। एक इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग कंपनी टिकटॉक पर उन लोगों से संपर्क करती है, जिनमें इस बात की संभावना दिखती है कि आने वाले समय में उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ सकती है। क्योंकि फॉलोअर्स बढ़ने का मतलब है कि आपकी वैल्यू बढ़ेगी। एक बार जब फॉलोअर्स की संख्या बढ़ जाती है, तो ब्रांड्स विज्ञापन के लिए संपर्क कर सकते हैं। ब्रांड अपने प्रचार के लिए पैसे देते हैं।
हालांकि ज्यादा फॉलोअर्स होने का मतलब ये भी नहीं है कि आपको स्पॉन्सर मिलेंगे ही। कंपनियां टारगेट ऑडियंस पर ध्यान दे रही हैं। ऐसे में हमेशा ज्यादा फॉलोअर्स वाले अकाउंट के पास पहुंचने की जगह कंपनियां उन लोगों से भी संपर्क करती हैं, जो सीधे उन ऑडियंस तक पहुंच रहे हैं, जहां कंपनियों को अपना प्रोडक्ट बेचना है। टॉप क्रिएटर और इन्फ्लुएंसर को ब्रांड टिकटॉक पर चल रहे हैशटैग में भाग लेने के लिए भी पे करते हैं।

क्या कहना हैं इन टिकटॉकर्स का?
मोटिवेशनल स्पीकर अव्वल (Awal TsMadaan) टिकटॉक पर इंग्लिश बोलना सिखाते हैं। उनके 60 लाख फॉलोवर्स थे‌। ‘मनी भास्कर’ से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे पिछले एक साल से टिकटॉक ऐप से जुड़े हुए थे। कई बड़ी कंपनियों ने स्पॉन्सर किया है और इसके लिए उन्हें लाखों रुपए तक मिले हैं। उनका कहना है कि कंपनियां फॉलोवर्स और कंटेंट देखती हैं और फिर उसके मुताबिक उससे संबंधित कंपनी, एजेंसी, एनजीओ अपना प्रमोशन करवाते थे‌। अव्वल को कई एजुकेशनल ऐप और संस्थानों से ऐड मिलता था‌।
दिल्ली की रहने वाली गुंजन के टिकटॉक पर 30 लाख फॉलोअर्स थे। वो हेल्थ से रिलेटेड वीडियो बनाती थी। गुंजन को एक वीडियो के लिए कंपनी 20 से 30 हजार रुपए पेमेंट करती थी। उन्होंने ‘मनी भास्कर’ को बताया कि उन्हें हर दिन चार से पांच कंपनियां अपने प्रोडक्ट के प्रमोशन के लिए अप्रोच करती थीं। छोटी कंपनियां एक ऐड वीडियो के पांच से 10 हजार रुपए तक देती थी। वहीं वीवो, ओप्पो और पूमा जैसे ब्रांड एक मिनट के ऐड के 80 हजार रुपए तक पे करने को तैयार थी।

फिक्स्ड इनकम
अगर आप इंस्टाग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म पर वीडियो बना रहे हैं और आपका अकाउंट टिकटॉक से अटैच है, आपका कॉन्टेंट अच्छा है, तो टिकटॉक आपके संपर्क करेगा। आपसे कहेगा कि हमारे प्लेटफॉर्म पर हर दिन 20 वीडियो बनाइए, हम आपको हर महीने इतना पे करेंगे। इस तरह से टिकटॉक वीडियो बनाने वाले को एक निश्चित अमाउंट पे करने लगता है। टिकटॉक फॉलोअर्स बेस ऐसे लोगों को मंथली सैलरी देता है।
कुछ टिकटॉकर्स टिकटॉक पर फेमस होने के बाद अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए पैसा कमाते हैं। ब्रांड अपने प्रमोशन के लिए उन्हें अप्रोच करते हैं। अगर आप टिकटॉक पर एक सिंगर के रूप में फेमस हो चुके हैं, तो ब्रांड आपको लाइव परफॉर्मेंस का मौका देते हैं। इसके बदले भी टिकटॉकर्स की इनकम होती हैं।
अब आगे क्या?
टिकटॉक के बंद होने से इस प्लेटफॉर्म से पैसा कमाने वालों का क्या होगा? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टिकटॉक स्टार्स देसी शॉट वीडियो प्लेटफॉर्म रोपोसो ROPOSO और चिंगारी जैसे ऐप की तरफ मूव कर रहे हैं। ‘मनी भास्कर’ की खबर के मुताबिक, रोपोसो के फाउंडर और InMobi Group के सीईओ नवीन तिवारी का कहना है कि हमारे प्लेटफॉर्म रोपोसो पर यूजर्स की संख्या बढ़ रही है। टिकटॉक के कई बड़े स्टार्स हमारे ऐप से जुड़े हैं। कंपनी का कहना है कि वो ऐसे टिकटॉक स्टार्स को अपने प्लेटफॉर्म पर मौका देगी, जिनके कंटेंट अच्छे हैं। वे यहां से कमाई कर सकते हैं। रोपोसो भारतीय ऐप है। इसे टिकटॉक का तगड़ा विकल्प माना जाता है।
हालांकि इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग कंपनियों का मानना है कि टिकटॉक इतनी आसानी से इंडियन मार्केट छोड़ने वाला नहीं है। आने वाले समय में हो सकता है कि वह किसी भारतीय कंपनी से हाथ मिला ले और अपने बिजनेस को जारी रखे।

प्ले स्टोर पर मिले 17 ट्रोजन वाले ऐप्स, चुरा सकते हैं आपकी पर्सनल फोटोज


Google अपने प्ले स्टोर की सिक्योरिटी और यूजर की प्राइवेसी को लेकर बड़े दावे जरूर करता है, लेकिन समय समय पर प्ले स्टोर में ऐसे ऐप्स पाए जाते हैं जो यूजर की प्राइवेसी के लिए खतरनाक होते हैं.

साइबर सिक्टोरिटी फर्म Avast के मुताबिक गूगल प्ले स्टोर पर कम से कम 17 ऐसे ऐप्स ट्रोजन फैमिली के हिस्सा हैं. HiddenAds कैंपेन के तहत भारत और साउथ ईस्ट एशिया के यूजर्स को इससे टारगेट किया गया है.

Avast के मुताबिक ये ऐप्स गेमिंग ऐप की तरह ही दिखते हैं, लेकिन इन्हें ऐसे ऐड दिखाने लायक डिजाइन किया जाता है जो यूजर्स की पर्सनल इनफॉर्मेशन चोरी कर सकते हैं. सबसे खतरनाक ये है कि इस तरह के ट्रोजन ऐप्स आपके फोन में ऐसे विज्ञापन दिखाएंगे जिन्हें आप स्किप भी नहीं कर सकेंगे.

इस तरह के ट्रोजन ऐप के साथ मुश्किल ये भी है कि ये ऐप्स अपने आइकॉन को हाइड करने में सक्षम होते हैं ताकि यूजर्स को इस बात का पता ही न चले.

गौरतलब है कि Avast ने पहले गूगल को इस तरह के 47 ऐप्स के बारे में बताया था, जिनमें से गूगल ने 30 ऐप्स प्ले स्टोर से हटा दिए हैं.

इस साइबर सिक्योरिटी फर्म के मुताबिक कुछ ऐसे ऐप्स भी पाए गए हैं जो ऐड दिखाने के लिए यूजर के फोन का ब्राउजर तक खुद से ओपन कर देते हैं. हालांकि यूजर्स अपने स्मार्टफोन के फाइल मैनेजर में जा कर इसे मैनुअली अनइंस्टॉल कर सकते हैं.

इस तरह के 17 ऐप्स अलग अलग डेवेलपर द्वारा गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड किए गए हैं और इन्हें 1.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है. इन ऐप्स की बात करें तो ये Skate Board, New, Find Hidden Differnces, Spot Hidden Differnces,Tony shoot - New Stacking guys जैसे ऐप्स शामिल हैं।

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने की आत्महत्या


बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने अपने बेड रूम में पंखे से फांसी लगाई है। मुंबई पुलिस जांच के लिए उनके घर पहुंची है। पुलिस ने बताया कि सुशांत सिंह के नौकर ने फोन करके इसकी जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि करीब 1.30 बजे के आस-पास सुशांत सिंह के आत्महत्या करने की खबर पुलिस को मिली थी।

हालांकि, अभी तक आत्महत्या की कोई वजह सामने नहीं आई है। सुशांत 21 जनवरी 1986 को बिहार के पटना में पैदा हुए थे। 2008 में उन्होंने टीवी पर काम शुरू किया था। टीवी की दुनिया से वो बॉलीवुड में आए थे। वो अंकिता लोखंडे के साथ पवित्र रिश्ता में काम किया करते थे। इसी से घर - घर उन्हें पहचाना जाने लगा है। वो अंकिता के साथ लंबे समय तक लिव इन में भी रहे थे।

फिल्मों में उनका सफर 'काई पो छे' से शुरू हुआ था। 'एमएस धोनी' उनका सबसे बड़ा ब्रेक था और उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की इस बायोपिक में उनका काम काफी पसंद किया गया था।

उनके खाते में कई अच्छी फिल्में हैं। 'यश राज' बैनर के लिए उन्होंने 'शुद्ध देसी रोमांस' में काम किया था। वो राजकुमार हिरानी की आमिर खान स्टारर फिल्म 'पीके' में भी अनुष्का शर्मा के साथ दिखे थे। 2018 में उनकी फिल्म 'केदारनाथ' आई थी जिससे सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान ने डेब्यू किया था। 2019 में वो 'दंगल' के निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'छिछोरे' में लीड रोल में थे और फिल्म सुपरहिट रही थी। इस फिल्म में भी उन्होंने आत्महत्या नहीं करने का संदेश दिया था।

बॉलीवुड एक्टर किरण कुमार कोरोना वायरस पॉजिटिव, हुए होम क्वारनटीन

बॉलीवुड एक्टर किरण कुमार कोरोना वायरस पॉजिटिव, हुए होम क्वारनटीन

एक्टर किरण कुमार को कोरोना वायरस पॉजिट‍िव पाया गया है। 74 वर्षीय किरण ने हाल ही में अपना मेड‍िकल टेस्ट करवाया था, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिट‍िव आई। रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें होम क्वारनटीन में रखा गया है।

10 दिन से होम क्वारटीन में हैं एक्टर
पीटीआई को दिए बयान में एक्टर ने कहा- 'मैं ठीक था और मुझमें कोई लक्षण भी नहीं थे। 14 मई को मेड‍िकल चेकअप के लिए हॉस्प‍िटल गया था। जहां Covid-19 टेस्ट जरूरी था। तो मैंने भी खुद का टेस्ट करवाया और रिजल्ट पॉजिट‍िव आया.. लेकिन मुझमें ना उस वक्त कोरोना के कोई लक्षण थे और ना अब हैं। ना बुखार है, ना जुकाम। मैं ठीक हूं और खुद को होम क्वारनटीन कर लिया है। 
'मेड‍िकल टेस्ट 10 दिन पहले हुआ था और अब तक कोई लक्षण नजर नहीं आए हैं। मेरा पर‍िवार सेकेंड फ्लोर में रहता है और इस वक्त मैं तीसरे माले पर रह रहा हूं। 26 या 27 मई को मेरा दूसरा टेस्ट होगा। वैसे अभी तो मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं।'
बता दें किरण कुमार से पहले बॉलीवुड के अन्य सेलेब्स भी कोरोना पॉजिट‍िव पाए गए हैं। इसमें सबसे पहला नाम बॉलीवुड सिंगर कन‍िका कपूर का है। उनके बाद प्रोड्यूसर करीम मोरानी, उनकी दोनों बेट‍ियां शजा और जोआ मोरानी कोरोना पॉजिट‍िव पाई गईं थी। सही समय पर इलाज और सावधानी बरतने के कारण वे तीनों जल्द ही अस्पताल से घर वापस आ गए थे।

इन फिल्मों में काम कर चुके हैं किरण
बता दें, किरण कुमार बॉलीवुड का जाना माना नाम हैं। उन्होंने 60 के दशक में अपना फिल्मी कर‍ियर शुरू किया था। लव इन श‍िमला उनकी पहली फिल्म थी‌।‌‍ इसके बाद अपराधी, मिस्टर रोमियो, रईस, कुलवधू, मौत के सौदागर, कुदरत का कानून, कातिल, गंगा तेरे देश में, काला बाजार, दोस्त, पत्थर के फूल, खून का कर्ज, हिना, खुदा गवाह, बोल राधा बोल, ये है जलवा, क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता, धड़कन, मुझसे शादी करोगे, बॉबी जासूस, आकाशवाणी समेत कई फिल्मों में काम किया है। वहीं छोटे पर्दे पर भी किरण का बहुत नाम है।

राजगढ़ SHO विष्णुदत्त विश्नोई ने की आत्महत्या, बेनीवाल ने CM से की वक्तव्य देने की मांग


राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर तहसील मुख्यालय के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने आत्महत्या कर ली है। यह खबर बाजार में आग की तरह फैल गई। विष्णुदत्त विश्नोई क्षेत्र के आमजन का चाहेते थानाधिकारी रहे हैं। इस कारण राजगढ़ थाने के सामने काफी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई।
सूचना मिलते ही पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, व्यापार मंडल अध्यक्ष राधेश्याम डोकवेला भी राजगढ़ थाने के सामने पहुंचे और सभी ने कहा कि इस तरह के एक ईमानदार निष्पक्ष दबंग थाना अधिकारी के द्वारा आत्महत्या करना एक प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है।
राजगढ़ क्षेत्र के गरीब के हितेषी निष्पक्ष जांच करने वाले थाना अधिकारी ने इस तरह का कदम क्यों उठाया? इसकी पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, व्यापार मंडल के अध्यक्ष राधेश्याम डोकवेवाला ने पुरजोर शब्दों में मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए। मनोज न्यांगली ने तो यहां तक कह दिया कि जब तक इसकी निष्पक्ष जांच नहीं करवाई जाएगी वह अपने समर्थकों के साथ यहीं बैठे रहेंगे।
देखते ही देखते राजगढ़ का बाजार भी बंद हो गया। हर कोई आज राजगढ़ के थानाधिकारी की आत्महत्या पर आंसू बहाता नजर आया। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम, जिला कलेक्टर संदेश नायक राजगढ़ थाने पहुंच चुके हैं। यह भी बताया जा रहा है कि राजगढ़ थाना अधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, लेकिन पुलिस के अधिकारी अभी तक इसका खुलासा नहीं कर रहे हैं।

सीबीआई जांच करने की मांग की
राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई के आत्महत्या करने का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नज़र आ रहा है। मामले में नागौर सांसद और रालोपा संयोजक हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए घटना की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। बेनीवाल ने घटना को सिस्टम पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करने वाली घटना बताते हुए सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मामले में वक्तव्य जारी करने की मांग की है।
बेनीवाल मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि गृह विभाग क्योंकि आपके पास है इसलिए आपको इस मामले में वक्तव्य जारी करना चाहिए। बेनीवाल ने ट्वीट के जरिये राजगढ़ थानाधिकारी की आत्महत्या पर संवेदना जाहिर करते हुए कहा है कि न्याय की इस लड़ाई में रालोपा बिश्नोई के परिवार के साथ है। गौरतलब है कि राजगढ़ थानाधिकारी का शव पुलिस थाने में बने उनके सरकारी आवास में मिला है और उनके आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। बिश्नोई की छवि एक ईमानदार और दबंग के रूप में थी।

एक साथ दो डिग्री कोर्स कर सकेंगे छात्र, UGC ने दी मंजूरी

Hitender Choudhary Editor ON24 NEWS

छात्र जल्द ही एक साथ दो डिग्री कोर्स कर सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी - UGC ) ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि दो डिग्रियों को छात्रों को अलग-अलग मोड से पूरा करना होगा जिसमें एक रेगुलर मोड से और दूसरा डिस्टेंस लर्निंग मोड (दूरस्थ शिक्षा माध्यम या ओडीएल) के जरिये किया जा सकता है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने कहा, ''हाल ही में आयोग की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई जिसमें भारत में छात्रों को एक साथ दोहरी डिग्री पूरा करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
   
उन्होंने बताया कि छात्रों को एक ही समय में दो डिग्री एक समान स्ट्रीम में या अलग स्ट्रीम में करने की सुविधा होगी। 

जैन ने बताया कि इन दो डिग्रियों में से एक रेगुलर तरीके से और दूसरा ऑनलाइन डिस्टेंस मोड से पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जायेगी। 


गौरतलब है कि यूजीसी ने पिछले वर्ष उपाध्यक्ष भूषण पटवर्द्धन के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था जिसे एक विश्वविद्यालय या अलग अलग विश्वविद्यालयों से दूरस्थ, ऑनलाइन माध्यम से दो डिग्रियां एक साथ करने के प्रस्ताव पर विचार करना था। 


बहरहाल, यूजीसी ने इससे पहले भी साल 2012 में एक समिति गठित कर उसे इस विषय पर विचार करने को कहा गया था। उस समिति ने इस विषय पर व्यापक विचार विमर्श किया था लेकिन इस प्रस्ताव (दो डिग्री एक साथ करने) को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था।