बिल्डर या किसान नहीं, तो क्या हम इंसान नहीं ….सालों-साल से सीबीआई जांच में फंसी रिहायशी कॉलोनी

If we are not builders or farmers, are we not humans

श्री वर्धमान मंत्रा" मौजूदा सरकार 4 साल से कोई जवाब नहीं दे रही है और आंख बंद किए जनता को परेशान कर रही है।
वहां रहने वाले लोगों ने सोसाइटी में प्रशासन ओर बिल्डर के विरोध मे कैंडल मार्च और धरना प्रदर्शन किया।
1350 फ्लैटों की ये सोसाइटी के 2 कमरों के अफॉर्डेबल फ्लैट की बुकिंग 2010 में शुरू हुई थी और बिल्डर-बायर एग्रीमेंट 2011 में हुआ था। बिल्डर-बायर एग्रीमेंट के अनुसार फ्लैट का कब्ज़ा 36 महीनों + 6 महीने के ग्रेस पीरियड के साथ मिलना था। जिसके मुताबिक 2015 में मिल जाना चाहिए था पर बिल्डर अभी तक ऑक्यूपेशन सर्टिफ़िकेट प्राप्त नहीं कर पाया है। 2015 से लगातार सभी बायर को लगातार बेवकूफ़ बनाया जा रहा है।
जबकि प्रोजेक्ट की बात करें तो रहने के हिसाब से पिछले 3 साल से बिल्कुल तैयार हालत में है। डीटीसीपी गुड़गाँव ऑफ़िस से जांच की ओके रिपोर्ट उनके हेड ऑफ़िस में जा चुकी है।
लगभग 500 फैमिली सोसाइटी में शिफ्ट हो चुकी हैं और लगभग 750 से ज्यादा लोगो ने पोजेशन ले लिया है या अपना छोटा बड़ा काम करवा के शिफ्ट होने की तैयारी में हैं। अगर हिसाब लगाएं तो अगले महीने दो महीने में 700 के आस पास फैमिली शिफ्ट हो जाएंगी।

माननीय उच्च न्यायालय का आदेश दिनांक 29/05/19
के
सीडब्ल्यूपी 6801-2019 के अंतर्गत 58-63,65-67 सेक्टरों में फ्लैट खरीदारों को राहत देने हेतु 6 हफ़्तों में सभी पेंडिंग सोसाइटी के ओ सी अप्रूवल देने के आर्डर दिया है , परंतु अभी तक बिल्डर ओर DTCP Office चंडीगढ से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया जा रहा है कि ओ सी कब मिलेगा।
ऑक्यूपेशन सर्टिफ़िकेट ना होने की वजह से लोगों को बेसिक सुविधाएँ जैसे प्रयाप्त बिजली, पानी, सीवर जैसी सुविधा नहीं मिल पा रही है और बिल्डर अपनी मनमानी कर रहा है।

👉 जेनरेटर से 23 रुपये बिजली दी जाती है, किसी भी बडे बिल्डर के यहाँ भी ज्यादा से ज्यादा 10 से 12 रुपये प्रति यूनिट बैकअप में दी जाती है। इस बिल्डर ने तो सीधा दुगने दाम रखे हुए हैं और ज्यादातर समय बिजली गुल ही रहती है।

👉 27 रुपये रोज़ का कॉमन एरिया की बिजली के लिए और ₹600 महीना चार्जेस एडिशनल अपने आप प्रीपेड मीटर से काटा जा रहा है। जिसका कोई हिसाब नहीं दिया जा रहा है ना ही महीने के एंड में कोई बिल दिया जाता है।
👉 2500 महीना, मेंटेनेंस 550 फुट के कॉम्पैकट से दो बेड रूम के फ्लैट में, जबकि सरकारी नियमों के हिसाब से 5 साल तक मेंटेनेंस फ्री है ।
👉 न बिल्डर, न कोई अधिकारी, कोई सुनने को तैयार नही है।
👉 CM विंडो , DTCP, सबकी तरफ से हाथ खड़े हैं। मुख्य मंत्री जी तक को डाक द्वारा सूचित किया गया था मगर  किसी को 1350 फ्लैटों और उनमें रह रहे जनता की तकलीफ़ नहीं सुनाई पड़ रही है।

👉रेजिडेंट्स ने श्री राकेश दौलताबाद जी एम.एल.ए. बादशाहपुर गुड़गाँव से भी  मिलकर प्रार्थना करी है और डीटीसीपी श्री आर.एस. बाथ जी से भी मिल अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। ताकि जल्द से जल्द ऑक्यूपेशन सर्टिफ़िकेट दिलवाया जाए और रेजिडेंट्स को कम-से-कम बुनियादी सुविधाएँ तो मिल पाएँ।