Coronavirus : क्या आपने सुनी है कोरोना वायरस की आवाज? वैज्ञानिकों ने ऐसे बनाया वायरस से म्यूजिक


कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में आतंक मचाया हुआ है। ऐसे में एक ऐसी रिसर्च सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि वैज्ञानिकों ने इस वायरस की आवाज को ढूंढ़ निकाला है। पूरी दुनिया तक पहुंचने वाली कोरोना बीमारी की आवाज को अब वैज्ञानिकों ने दुनिया तक पहुंचा दिया है। सिर्फ आवाज ही नहीं, उन्होंने इसे संगीत में बदला है।

1 घंटा 49 मिनट और 48 सेकंड लम्बा कोरोना वायरस का संगीत 
कोरोना वायरस का संगीत
अमेरिका के मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। ये पूरा संगीत करीब 1 घंटा 49 मिनट और 48 सेकंड का है। वैज्ञानिकों ने सोनिफिकेशन तकनीक के जरिए ये संगीत बनाया है। इसे बनाने में कोरोना वायरस की ऊपरी सतह पर मौजूद कंटीले प्रोटीन की मदद ली गई है।

ऐसे बनाया वैज्ञानिकों ने संगीत 
MIT के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के इस संगीत को अपने डाटाबेस में डाला है। ये पता करने के लिए उनके डाटाबेस में पहले से मौजूद कोई प्रोटीन इस वायरस के प्रोटीन के साथ किस तरह रिएक्ट करता है।उनका कहना है कि डाटाबेस में मौजूद जो प्रोटीन इस वायरस के प्रोटीन (म्यूजिकल वाइब्रेशन) को दबा देगा, उससे कोरोना वायरस को खत्म करने की दवा बनाई जा सकती है। यानी वह प्रोटीन इस वायरस के लिए एंटीडोट का काम करेगा।
कोरोना वायरस के प्रोटीन के हेलीकल ढांचे से जो संगीत वैज्ञानिकों ने तैयार किया है, उसमें बांसुरी, घंटी, स्ट्रिंग्स की आवाज सुनाई देगी। हर आवाज कंटीले प्रोटीन के अलग-अलग रूप व नोट को बयान करती है। इसमें मुख्य रूप से जापानी म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट कोतो का प्रयोग किया गया है। किसी वायरस के संगीत के लिए किन वाद्य यंत्रों का प्रयोग करना है, ये वैज्ञानिकों पर निर्भर करता है।